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भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन: ऐतिहासिक समझौते, रिश्ते और मज़बूत

भारत और रूस के बीच आयोजित वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, स्वास्थ्य और उद्यमिता सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इन समझौतों ने दोनों देशों की दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत कर दिया है।

सम्मेलन की प्रमुख बातें:

रक्षा (Defence):
– संयुक्त उत्पादन व तकनीकी सहयोग पर नई सहमति।
– सैन्य प्लेटफॉर्म और हथियार प्रणालियों के लिए इंजन, पार्ट्स और रखरखाव से जुड़े नए समझौते।

व्यापार व अर्थव्यवस्था (Trade & Economy):
– द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए नई रोडमैप पर सहमति।
– भुगतान प्रणाली, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी।

ऊर्जा सहयोग (Energy Cooperation):
– परमाणु ऊर्जा, प्राकृतिक गैस व नयी ऊर्जा तकनीकों में संयुक्त परियोजनाओं पर चर्चा।

स्वास्थ्य व साइंस-टेक्नोलॉजी (Healthcare & S&T):
– स्वास्थ्य अनुसंधान, फार्मा सहयोग और वैक्सीन विकास पर मिलकर काम करने की योजना।
– अंतरिक्ष और विज्ञान अनुसंधान में संयुक्त मिशन को गति देने का संकल्प।

कूटनीतिक महत्व:

यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हुआ जब वैश्विक भू-राजनीति में लगातार बदलाव हो रहे हैं। भारत और रूस ने दोहराया कि उनकी रणनीतिक साझेदारी स्थिर, मजबूत और बहु-आयामी है।
दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि ये समझौते आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास, और रक्षा सहयोग को नई दिशा देंगे।