Enforcement Directorate (ED) ने पूर्व DIG की अवैध कमाई को किया फ्रीज; सासाराम से सिवान तक फैली संपत्तियाँ जब्त
बिहार में मनी-लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में ED ने कार्रवाई करते हुए एक पूर्व DIG की चल एवं अचल संपत्तियाँ जब्त कर ली हैं — जिसका दायरा सासाराम से लेकर सिवान तक बताया जा रहा है।
🔹 क्या हुआ — क्या जब्त हुआ
- ED ने पूर्व DIG Shivendra Priyadarshi की लगभग ₹1.52 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियाँ अटैच की हैं। Navbharat Times+1
- जांच में यह पाया गया है कि उपरोक्त संपत्ति उनकी सेवा अवधि (जून 1993 – मई 2017) के दौरान गैर-कानूनी तरीके से अर्जित की गई थी। Navbharat Times
⚖️ क्यों है मामला गंभीर
- गिरफ्तारी या कार्रवाई नहीं बल्कि सम्पत्ति की जब्ती — इसका मतलब है कि ED के पास पर्याप्त सबूत हैं कि उक्त संपत्ति “अवैध आय” से खरीदी गई थी।
- इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर भ्रष्ट तरीके से लाभ लिया गया।
🌐 समाज-वर्गीय और प्रशासनिक असर
- ऐसे मामलों से यह विश्वास मजबूत होता है कि भ्रष्टाचार और मनी-लॉन्ड्रिंग पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
- जनता में उम्मीद बढ़ेगी कि “बड़े अधिकारी भी कानून से ऊपर नहीं” — और भ्रष्टाचार जितना ही जोखिम-भरा है।
- यह कार्रवाई भविष्य में अन्य संदिग्ध अधिकारियों के लिए चेतावनी के रूप में काम कर सकती है।
📝 निष्कर्ष
पूर्व DIG की संपत्ति जब्ती इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार और मनी-लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अभियान सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं है — बल्कि उच्च पदों पर बैठे अफसरों तक का दायरा फैल चुका है। ED की यह कार्रवाई बिहार में जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







