झारखंड के पश्चिम सिंहभूम ज़िले में एक चप्पल फटने जैसी छोटी-सी बात पर गांव की पंचायत ने 1 बकरी और 3 हांड़िया (चावल की शराब) का अजीब मुआवज़ा तय किया।
जब एक बुजुर्ग दंपति ने इस अनुचित फैसले का विरोध किया, तो मामला हिंसा में बदल गया और भीड़ ने दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी।
यह घटना न सिर्फ मानवीय संवेदनाओं को झकझोरती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि ग्रामीण इलाक़ों में मनमानी पंचायतों का आतंक अभी भी कई जगहों पर जारी है।
पुलिस जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश जारी है।






