कोलकाता, पश्चिम बंगाल — (आज की तारीख):
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक मुहिम की शुरुआत कर दी है। पार्टी ने राज्यभर में 1,300 रैलियों के पहले चरण का आगाज़ कर दिया है, और पूरे अभियान के दौरान लगभग 13,000 रैलियाँ आयोजित करने की योजना है।
पहला चरण शुरू — पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज
बीजेपी की यह मुहिम बंगाल के 23 जिलों में फैली होगी, जिसमें छोटे जनसंपर्क कार्यक्रमों से लेकर बड़े जनसभाओं तक शामिल हैं।
इस अभियान का उद्देश्य है:
- पार्टी का जनाधार मज़बूत करना
- बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना
- 2026 चुनाव के लिए माहौल तैयार करना
वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और केंद्रीय स्तर के स्टार प्रचारक पहले चरण की रैलियों में भाग ले रहे हैं।
2026 चुनाव को ध्यान में रखकर रणनीति तैयार
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से सीधा मुकाबला करने के लिए जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर पहुंच बनाना ज़रूरी है।
इसी लक्ष्य के तहत पार्टी अगले कुछ महीनों में:
- युवा, महिला और किसान मतदाताओं पर विशेष फोकस
- सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार को तेज
- बंगाल के राजनीतिक मुद्दों पर आक्रामक कैंपेन
जैसे कदम उठाने की तैयारी में है।
केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता बढ़ी
प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी इस अभियान में लगातार बनी रहेगी। संकेत हैं कि आने वाले हफ्तों में कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता भी बंगाल का दौरा करेंगे।
तृणमूल कांग्रेस का पलटवार
टीएमसी ने इस अभियान को “सिर्फ दिखावा” करार दिया है और दावा किया है कि बंगाल में भाजपा जनसमर्थन खो चुकी है।
हालाँकि, भाजपा का कहना है कि यह रैलियाँ उनके “तेज़ी से बढ़ते जनाधार” का संकेत हैं।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
बीजेपी की इस मेगा कैंपेन की शुरुआत के साथ ही बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
अगले महीनों में मुकाबला और तीखा होने की संभावना है।




