पटना में 17 दिनों तक चलने वाला सरस मेला शुरू हो गया है। इस मेले में महिला उद्यमियों और ग्रामीण कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
🔹 मेले की खास बातें:
- स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं की भागीदारी
- हस्तशिल्प, हथकरघा, जैविक खाद्य उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध
- बिहार समेत अन्य राज्यों की लोक कला और संस्कृति की झलक
- प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य और संगीत
🔹 उद्देश्य:
- ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
- पारंपरिक कला और उत्पादों को बाजार से जोड़ना
- महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना
🔹 दर्शकों के लिए आकर्षण:
- शुद्ध देसी और ऑर्गेनिक उत्पाद
- पारंपरिक साड़ी, जूट और मिट्टी के उत्पाद
- परिवार और बच्चों के लिए सांस्कृतिक मनोरंजन
👉 सरस मेला न सिर्फ खरीदारी का मौका है, बल्कि
ग्रामीण भारत की प्रतिभा और संस्कृति को करीब से देखने का मंच भी है।







