झारखंड कैबिनेट ने PESA (पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र) नियम 2025 को मंज़ूरी दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना और उन्हें स्थानीय शासन व संसाधनों पर अधिक अधिकार देना है।
🔹 प्रमुख बिंदु:
- अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका होगी मजबूत
- स्थानीय संसाधनों, विकास योजनाओं और सामाजिक मुद्दों पर ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य
- आदिवासी समुदायों को स्वशासन और निर्णय लेने का अधिकार
- भूमि, खनिज, जल और वन संसाधनों के संरक्षण में बढ़ेगी भागीदारी
🔹 क्यों है यह फैसला अहम?
PESA नियमों के लागू होने से आदिवासी स्वशासन की भावना मजबूत होगी और विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और संवैधानिक अधिकारों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में बड़ा कदम है।
📌 सरकार का कहना है कि PESA नियम 2025 से पारदर्शी, सहभागी और न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।





